“आंखों और कानों के लिए घरेलू उपाय: सुबह की बासी लाल और गोमूत्र के फायदे”

आंख और कान की दवा

आंखों की किसी भी समस्या के लिए मुंह की बासी लार आंखों में काजल की तरह लगाना है।आंखें लाल हो जाए उसके लिए भी मुंह की लार लगायें।आंखें टेढ़ी (भेंघापन) हो तो भी उसके लिए सुबह की लार लगायें । शरीर में कोई भी दाग या ढाबा जैसे जलने का दाग, सफेद दाग, काला दाग, एग्जिमा, सोरायसिस, शरीर पर कोई भी घाव हो जायें जैसे फोड़े फुंसी यदि इन सभी के लिए सुबह की बासी लार बहुत ही उपयोगी है। चश्मा चढ़ गया हो, आंखों में मोतियाबिंद हो गया हो, कैटरेक्ट हो गया हो, रेटिनल डिटैचमेंट हो गया हो इन सभी के लिए सुबह की बासी लार और देसी गाय का गोमूत्र आंखों में डालें। आंखों में पानी आता हो, आंखों में खारिश होती हो तो सुबह की बासी लार बहुत उपयोगी होती है।

लार में वही एक्टिव इनग्रेडिएंट्स है जो मिट्टी में पाए जाते हैं। आंखों की 20 से ज्यादा बीमारियां सुबह की बासी लार और गोमूत्र से ठीक होती है। गोमूत्र गर्भवती गाय का नहीं होना चाहिए अन्यथा आंखों में जलन हो जाएगी अर्थात गाय की बछिया जो मां नहीं बनी है उसका गोमूत्र सबसे उत्तम है।

कान के रोग जैसे कान में मवाद आना, कान में कम सुनाई देना, कान में फोड़े फुंसी हो जाना, कान में से आवाज आना। ऐसी सभी बीमारियों में गोमूत्र बहुत ही उपयोगी होता है और एलोवेरा के गुड्डे का रस भी बहुत उपयोगी है। कान में किसी भी प्रकार के दर्द के लिए एलोवेरा का रस और गोमूत्र दोनों ही बहुत उपयोगी है।

अधिक ठंड, अधिक गर्मी, या आंखों में घुल जाने से या आंखों में किसी संक्रामक बीमारी के कारण दर्द होना शुरू हो जाता है और आंखें आ जाती हैं। इस कारण आंखों से पानी निकलता है और आंखें लाल हो जाती हैं। आंखों में से किचड़ निकालना शुरू हो जाता है। इस दर्द और सूजन को दूर करने के घरेलू नुस्खे निम्न हैं।

— सफेद प्याज का रस आंखों में लगाने से दर्द में कमी होती है।

— त्रिफला चूर्ण घी और शहद मिलाकर खाने से आंखों की बीमारी दूर होती है।

— देसी गाय का घी आंख में लगाने से जलन दूर होती है।

— गुलाब जल में फूली फिटकरी डालकर आंखों को धोने से जलन एवं सूजन समाप्त होती है। केवल गुलाब जल डालने से भी आंखों में राहत मिलती है।

— बथुए के रस को एक-एक बूंद करके आंखों में डालें।

— तुलसी के पत्तों का रस भी आंखों में डालने से लाभ होता है। इसी प्रकार बिल की पत्तियों का रस भी लाभप्रद है।

— त्रिफला चूर्ण का सेवन शहर के साथ करें तथा रात में भिगोए हुए त्रिफला के पानी से आंख धोए काफी आराम मिलेगा।