“उपवास के नियम और तरीके: शरीर और स्वास्थ्य के लिए सही उपवास कैसे करें”

उपवास के नियम और तरीके

1. उपवास के नियम और तरीके ,उपवास शरीर शुद्धि की क्रिया है जिसमें तन मन और चित्त शामिल है। 7 दिन में 1 दिन उपवास बहुत अच्छा है लेकिन उस दिन समय-समय पर पानी जरूर पिएं ।शरीर में भोजन की अधिकता को संतुलित करने के लिए उपवास के नियम बने हैं। उपवास के दिन भी पेट में एसिड बनने की क्रिया चालू रहती है जिसे न्यूट्रल करने के लिए पानी पीते रहना चाहिए समय समय पर पेट में बनने वाला एसिड HCL हाइड्रोक्लोराइड एसिड होता है जो की बहुत ही खराब एसिड माना जाता है। पानी नहीं पीने से यह अन्तणियों को भी जला सकता है, जिससे गंभीर बीमारी हो सकती है।

निर्जला उपवास नहीं करना चाहिए।

2. शरीर के किसी भी अंग का परमानेंट डैमेज होने पर वह रिपेयर नहीं होता है। आंतों में जिससे अल्सर, पेस्टिक अल्सर, घाव बन जाता है। जिसके कारण अधिक गंभीर स्थिति में आते काटकर निकालनी भी पड़ सकती है। अतः निर्जला उपवास नहीं करना चाहिए।

assorted fruits stall
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ज्यादा लंबा उपवास अच्छा नहीं है।

3. शाकाहारी खाना खाने वालों के लिए ज्यादा लंबा उपवास अच्छा नहीं है। लेकिन जो मांसाहारी खाना खाते हैं उनको लंबे उपवास करना ही चाहिए। अजगर एक बार खाकर 15 दिन उपवास करता है। मांस खाने से शरीर में एसिड उत्पन्न करने वाली ग्रंथियों मन्द होती है जिसके कारण उपवास वाले दिन भी एसिड कम रिलीज होता है।

लंबे उपवास के समय

4. लंबे उपवास के समय लौंग, मूंग की दाल या घी को पानी में डालकर पीना चाहिए। पानी को उबालकर थोड़ा चुना डालकर (पक्का पानी) पानी पिएं। 1 दिन खाना या 1 दिन उपवास लंबे उपवास की स्थिति में बहुत अच्छा होता है। ऐसा करने से थोड़े दिन तकलीफ आएगी लेकिन बाद में ऐसी भी इसी ही हिसाब से निकलने लगेगा।

5. खेत में काम करने वाले किसान या अधिक शारीरिक मेहनत करने वालों के लिए उपवास नहीं है।

6. व्रत के दिनों में पानी में गाय का घी डालकर सेवन करना चाहिए। इसके साथ-साथ मिस्त्री या शहद को भी पानी के साथ लिया जा सकता है या उपवास के दिनों में पानी में देशी गुड़ और नींबू डालकर पानी पी सकते हैं।

7.उपवास शरीर शुद्धि की क्रिया है जिसमें तन मन और चित्त शामिल है। 7 दिन में 1 दिन उपवास बहुत अच्छा है लेकिन उस दिन समय-समय पर पानी जरूर पिएं ।शरीर में भोजन की अधिकता को संतुलित करने के लिए उपवास के नियम बने हैं। उपवास के दिन भी पेट में एसिड बनने की क्रिया चालू रहती है जिसे न्यूट्रल करने के लिए पानी पीते रहना चाहिए समय समय पर पेट में बनने वाला एसिड HCL हाइड्रोक्लोराइड एसिड होता है जो की बहुत ही खराब एसिड माना जाता है। पानी नहीं पीने से यह अन्तणियों को भी जला सकता है, जिससे गंभीर बीमारी हो सकती है।

8. शरीर के किसी भी अंग का परमानेंट डैमेज होने पर वह रिपेयर नहीं होता है। आंतों में जिससे अल्सर, पेस्टिक अल्सर, घाव बन जाता है। जिसके कारण अधिक गंभीर स्थिति में आते काटकर निकालनी भी पड़ सकती है। अतः निर्जला उपवास नहीं करना चाहिए।

top view of a bowl of fruit
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अजगर एक बार खाकर 15 दिन उपवास करता है।

9. शाकाहारी खाना खाने वालों के लिए ज्यादा लंबा उपवास अच्छा नहीं है। लेकिन जो मांसाहारी खाना खाते हैं उनको लंबे उपवास करना ही चाहिए। अजगर एक बार खाकर 15 दिन उपवास करता है। मांस खाने से शरीर में एसिड उत्पन्न करने वाली ग्रंथियों मन्द होती है जिसके कारण उपवास वाले दिन भी एसिड कम रिलीज होता है।

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लौंग, मूंग की दाल या घी को पानी में डालकर पीना चाहिए।

10. लंबे उपवास के समय लौंग, मूंग की दाल या घी को पानी में डालकर पीना चाहिए। पानी को उबालकर थोड़ा चुना डालकर (पक्का पानी) पानी पिएं। 1 दिन खाना या 1 दिन उपवास लंबे उपवास की स्थिति में बहुत अच्छा होता है। ऐसा करने से थोड़े दिन तकलीफ आएगी लेकिन बाद में ऐसी भी इसी ही हिसाब से निकलने लगेगा।

11. खेत में काम करने वाले किसान या अधिक शारीरिक मेहनत करने वालों के लिए उपवास नहीं है।

12. व्रत के दिनों में पानी में गाय का घी डालकर सेवन करना चाहिए। इसके साथ-साथ मिस्त्री या शहद को भी पानी के साथ लिया जा सकता है या उपवास के दिनों में पानी में देशी गुड़ और नींबू डालकर पानी पी सकते हैं।