“उच्च रक्तचाप के घरेलू उपाय: आपके स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए”

उच्च रक्तचाप

उच्च रक्तचाप हृदय, गुर्दे और रक्त संचालन प्रणाली की गड़बड़ी के कारण होता है। यह रोग किसी को भी हो सकता है। यह चुपके-चुपके शरीर में आता है और कई तरह की बीमारियों को साथ लाता है। कई वर्षों तक तो इस रोग का पता ही नहीं चलता लेकिन जब पूर्ण रूप से इसका प्रकोप होता है। तब पता चलता है। जो लोग क्रोध, भय, दुःख या अन्य भावनाओं के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। उन्हें यह रोग अधिक होता है। जो लोग परिश्रम कम करते हैं तथा अधिक तनाव में रहते हैं, शराब या धूम्रपान अधिक करते हैं, उन्हें भी होता है। इसमें सिर में दर्द होता है और चक्कर आने लगता है। दिल की धड़कन तेज हो जाती है। आलस्य होना, जी घबराना, काम में मन ना लगना, पाचन क्षमता कम होना, और आंखों के सामने अंधेरा आना, नींद न आना और यदि लक्षण होते हैं। इनके घरेलू उपाय निम्नलिखित है।

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घरेलू उपाय

— दालचीनी का पाउडर पत्थर पर पीसकर आधा चम्मच रोज सुबह खाली पेट गुनगुने पानी के साथ लें ।आधा चम्मच शहद और आधा चम्मच दालचीनी का पाउडर गुनगुने पानी के साथ लें ।मेथी दाना और एक चम्मच एक गिलास गर्म पानी में शाम को भिगो दे और सुबह खाली पेट पानी पी लीजिए और दाना चबा चबाकर खा लीजिए। आधा चम्मच अर्जुन की छाल का पाउडर आधा गिलास गर्म पानी के साथ सुबह-सुबह खाली पेट लें। काढ़े की तरह, यह हाई बीपी, कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड, मोटापा, हॉट में ब्लॉकेज ठीक करता है। लौकी का रस आधा कप सुबह खाली पेट नाश्ता करने से 1 घंटे पहले पांच धनिया पता, पांच पुदीना पता, पांच तुलसी पता, 4 से 5 काली मिर्च मिलाकर लें ।पांच बेलपत्र के पत्तों को पत्थर पर पीसकर चटनी बना लें और एक गिलास पानी में तब तक उबाले जब तक की आधा न हो जाए और उसके बाद चाय की तरह पी लें ,बेलपत्र शुगर को भी नॉर्मल करता है। गोमूत्र आधा कप रोज खाली सुबह खाली पेट लें।

कच्चे लहसुन से रक्तचाप कम होता है।

— कच्चे लहसुन की एक दो कली पीसकर प्रातः काल चाटने से उच्च रक्तचाप समान होता है।

— शहद में नींबू का रस मिलाकर सुबह-शाम चाटने से रक्तचाप कम होता है।

कोमल नीम की पत्ती से उच्च रक्तचाप कम होता है।

— कोमल नीम की पत्ती चबाने से या उनका रस निकालकर पीने से भी रक्तचाप कम होता है और ठीक भी होता है।

— प्रातःकाल देशी गाय का गोमूत्र पीने से उच्च रक्तचाप कम होता है।

— प्रतिदिन रात को गर्म पानी में त्रिफला चूर्ण लेने से यह बीमारी दूर होती है।

आंवले का रस से उच्च रक्तचाप कम होता है।

— आंवले का रस सबसे अधिक लाभकारी है अथवा आंवले का मुरब्बा भी ले सकते हैं। खाने में मूली का नियमित सेवन करें।

— गर्म पानी में नींबू निचोड़ कर और उसमें शहद मिलाकर (गुनगुने पानी में )लगातार 15 दिन तक पानी पिएं उच्च रक्तचाप समान होता जाएगा।

लौकी सब्जियों में सबसे ज्यादा क्षारीय है।

— उच्च रक्त दबाव रक्त की अमलता बढ़ने के कारण होता है, आत: ऐसी स्थिति में क्षारीय चीजें अधिक खाए। जैसे मेथी, गाजर कोई भी ऐसा फल जिसमें रस नहीं है जैसे – सेवा, केला, अमरूद, पलक, बैगन का उपयोग करें। आलू न अम्लीय है न क्षारीय है। हरे पत्ते की कोई भी सब्जी क्षारीय होती है। इससे उच्च रक्त दबाव कम होगा, ट्राईग्लिसराइड कम होगा, कोलेस्ट्रॉल कम होगा, मोटापा कम होगा। इससे ब्लॉकेज भी निकल जाते हैं। लौकी( दूध) भी क्षारीय है। लौकी सब्जियों में सबसे ज्यादा क्षारीय है। लौकी का रस भी पी सकते हैं।

उच्च रक्तचाप हृदय, गुर्दे और रक्त संचालन प्रणाली की गड़बड़ी के कारण होता है। यह रोग किसी को भी हो सकता है। यह चुपके-चुपके शरीर में आता है और कई तरह की बीमारियों को साथ लाता है। कई वर्षों तक तो इस रोग का पता ही नहीं चलता लेकिन जब पूर्ण रूप से इसका प्रकोप होता है। तब पता चलता है। जो लोग क्रोध, भय, दुःख या अन्य भावनाओं के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। उन्हें यह रोग अधिक होता है। जो लोग परिश्रम कम करते हैं तथा अधिक तनाव में रहते हैं, शराब या धूम्रपान अधिक करते हैं, उन्हें भी होता है। इसमें सिर में दर्द होता है और चक्कर आने लगता है। दिल की धड़कन तेज हो जाती है। आलस्य होना, जी घबराना, काम में मन ना लगना, पाचन क्षमता कम होना, और आंखों के सामने अंधेरा आना, नींद न आना और यदि लक्षण होते हैं। इनके घरेलू उपाय निम्नलिखित है।

— दालचीनी का पाउडर पत्थर पर पीसकर आधा चम्मच रोज सुबह खाली पेट गुनगुने पानी के साथ लें ।आधा चम्मच शहद और आधा चम्मच दालचीनी का पाउडर गुनगुने पानी के साथ लें ।मेथी दाना और एक चम्मच एक गिलास गर्म पानी में शाम को भिगो दे और सुबह खाली पेट पानी पी लीजिए और दाना चबा चबाकर खा लीजिए। आधा चम्मच अर्जुन की छाल का पाउडर आधा गिलास गर्म पानी के साथ सुबह-सुबह खाली पेट लें। काढ़े की तरह, यह हाई बीपी, कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड, मोटापा, हॉट में ब्लॉकेज ठीक करता है। लौकी का रस आधा कप सुबह खाली पेट नाश्ता करने से 1 घंटे पहले पांच धनिया पता, पांच पुदीना पता, पांच तुलसी पता, 4 से 5 काली मिर्च मिलाकर लें ।पांच बेलपत्र के पत्तों को पत्थर पर पीसकर चटनी बना लें और एक गिलास पानी में तब तक उबाले जब तक की आधा न हो जाए और उसके बाद चाय की तरह पी लें ,बेलपत्र शुगर को भी नॉर्मल करता है। गोमूत्र आधा कप रोज खाली सुबह खाली पेट लें।

शहद में नींबू का रस से रक्तचाप कम होता है।

— कच्चे लहसुन की एक दो कली पीसकर प्रातः काल चाटने से उच्च रक्तचाप समान होता है।

— शहद में नींबू का रस मिलाकर सुबह-शाम चाटने से रक्तचाप कम होता है।

गर्म पानी में त्रिफला चूर्ण लेनेसे उच्च रक्तचाप कम होता है।

— कोमल नीम की पत्ती चबाने से या उनका रस निकालकर पीने से भी रक्तचाप कम होता है और ठीक भी होता है।

— प्रातःकाल देशी गाय का गोमूत्र पीने से उच्च रक्तचाप कम होता है।

— प्रतिदिन रात को गर्म पानी में त्रिफला चूर्ण लेने से यह बीमारी दूर होती है।

आंवले का रस से उच्च रक्तचाप कम होता है।

— आंवले का रस सबसे अधिक लाभकारी है अथवा आंवले का मुरब्बा भी ले सकते हैं। खाने में मूली का नियमित सेवन करें।

— गर्म पानी में नींबू निचोड़ कर और उसमें शहद मिलाकर (गुनगुने पानी में )लगातार 15 दिन तक पानी पिएं उच्च रक्तचाप समान होता जाएगा।

— उच्च रक्त दबाव रक्त की अमलता बढ़ने के कारण होता है, आत: ऐसी स्थिति में क्षारीय चीजें अधिक खाए। जैसे मेथी, गाजर कोई भी ऐसा फल जिसमें रस नहीं है जैसे – सेवा, केला, अमरूद, पलक, बैगन का उपयोग करें। आलू न अम्लीय है न क्षारीय है। हरे पत्ते की कोई भी सब्जी क्षारीय होती है। इससे उच्च रक्त दबाव कम होगा, ट्राईग्लिसराइड कम होगा, कोलेस्ट्रॉल कम होगा, मोटापा कम होगा। इससे ब्लॉकेज भी निकल जाते हैं। लौकी( दूध) भी क्षारीय है। लौकी सब्जियों में सबसे ज्यादा क्षारीय है। लौकी का रस भी पी सकते हैं।